निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान स्थलों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए दो हजार से अधिक बूथों पर व्हील चेयर की व्यवस्था भी की थी। दुर्गम क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को पोलिंग बूथ पहुंचाने के लिए डोली का प्रबंध भी किया गया था।
प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए करीब 70 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को परिणाम घोषित होने के 30 दिन के भीतर निर्वाचन खर्चे का ब्योरा आयोग को देना होगा। इस बारे में प्रत्याशियों को सूचित किया गया है। यदि कोई प्रत्याशी खर्च का ब्योरा नहीं देता तो आयोग की ओर से चुनाव लड़ने पर छह साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा।
-सौजन्य, मुख्य निर्वाचन अधिकारी