चुनाव में भाजपा का तीसरा बड़ा हथियार मोदी और त्रिवेंद्र सरकार की लोकलुभावन योजनाएं थीं। ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारत माला प्रोजेक्ट, पीएम मोदी की प्राथमिकता वाली फ्लैगशिप योजनाएं, त्रिवेंद्र सरकार की अटल आयुष्मान योजना और निवेशक सम्मेलन में हुए 1.24 लाख करोड़ के एमओयू को प्रत्याशियों और स्टार प्रचारकों ने जमकर भुनाया।
भाजपा की जीत में सांगठनिक रणनीति का भी अहम योगदान रहा। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर पार्टी ने बेहद रणनीतिक तरीके से पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल बनाया। हर बूथ मजबूत का नारा देकर पार्टी एक-एक मतदाता तक पहुंची। हर बूथ पर बनाए गए पन्ना प्रमुखों के जरिये उसने विपक्ष को सोचने और संभलने का मौका तक नहीं दिया।
संगठन के दम पर पार्टी ने संसदीय क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि विधानसभा क्षेत्रों में भी मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी और जवाबदेही तय की। इस टीम वर्क की बदौलत ही पार्टी शानदार जीत दर्ज करने में कामयाब रही।