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महासंग्राम 2019: उत्तराखंड में पांचों सीट पर भाजपा की प्रचंड जीत के ये हैं तीन प्रमुख कारण, पढ़िए...

Sat, 25 May 2019 10:01 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा की शानदार जीत के तीन मुख्य मजबूत आधार माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व, राष्ट्रवाद की प्रचंड लहर और केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां व कार्यक्रम। इन तीन प्रमुख आधार पर भाजपा के सांगठनिक कार्यकर्ताओं की टीम ने शानदार जीत की इमारत खड़ी की।

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लोकसभा चुनाव में भाजपा के हर प्रत्याशी ने पीएम मोदी के चेहरे पर वोट मांगें। पार्टी का पूरा चुनाव अभियान मोदी पर केंद्रित रहा। भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभाएं करने उत्तराखंड आए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रहे हों या गृह मंत्री राजनाथ सिंह या फिर अन्य स्टार प्रचारक, सबकी जुबान पर एक ही नाम था, नरेंद्र मोदी। चुनाव में भाजपा का दूसरा बड़ा हथियार राष्ट्रवाद का मुद्दा था।

सैन्य बहुल राज्य होने की वजह से इस मुद्दे का पांचों सीटों पर जबर्दस्त प्रभाव रहा। पुलवामा आतंकी हमले में राज्य के जांबाज मोहनलाल रतूड़ी, मेजर विभूति ढौंढियाल और मेजर चित्रेश बिष्ट की शहादत का उत्तराखंड पर खास असर था। चुनाव में जब पीएम मोदी प्रचार में आए तो उन्होंने इन तीनों जांबाजों को याद किया। उन्होंने प्रदेश में पांचवे धाम के रूप में सैन्य धाम बनाने की भी घोषणा की। 

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करामात दिखा गई ‘हर बूथ मजबूत’ की रणनीति

चुनाव में भाजपा का तीसरा बड़ा हथियार मोदी और त्रिवेंद्र सरकार की लोकलुभावन योजनाएं थीं। ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारत माला प्रोजेक्ट, पीएम मोदी की प्राथमिकता वाली फ्लैगशिप योजनाएं, त्रिवेंद्र सरकार की अटल आयुष्मान योजना और निवेशक सम्मेलन में हुए 1.24 लाख करोड़ के एमओयू को प्रत्याशियों और स्टार प्रचारकों ने जमकर भुनाया।

भाजपा की जीत में सांगठनिक रणनीति का भी अहम योगदान रहा। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर पार्टी ने बेहद रणनीतिक तरीके से पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल बनाया। हर बूथ मजबूत का नारा देकर पार्टी एक-एक मतदाता तक पहुंची। हर बूथ पर बनाए गए पन्ना प्रमुखों के जरिये उसने विपक्ष को सोचने और संभलने का मौका तक नहीं दिया।

संगठन के दम पर पार्टी ने संसदीय क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि विधानसभा क्षेत्रों में भी मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी और जवाबदेही तय की। इस टीम वर्क की बदौलत ही पार्टी शानदार जीत दर्ज करने में कामयाब रही। 
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