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Corona: हरिद्वार में तीन मरीजों ने जीती जंग, डॉक्टरों ने ताली बजाकर भेजा घर

Sun, 26 Apr 2020 08:35 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • 14 दिन रहेंगे होम क्वारंटीन, प्रत्येक दिन होगी स्क्रीनिंग
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हरिद्वार में मरीज को घर भेजते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के हरिद्वार मेला अस्पताल में भर्ती कोरोना के सात में से तीन मरीजों के पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें छुट्टी दे दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ताली बजाकर उन्हें अस्पताल से घर भेजा। अब यह तीनों लोग 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहेंगे और स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक दिन इनकी स्क्रीनिंग जांच करेगा।

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रविवार की दोपहर को सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी मेला अस्पताल पहुंचीं। रुड़की के पनियाला, ज्वालापुर के पांवधोई और भगवानपुर के मानकपुर माजरा निवासी व्यक्ति के स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी देने का फैसला किया गया। तीनों मरीजों को बारी-बारी से बाहर बुलाया गया और फिजिशियन डॉ. संदीप टंडन व माइक्रोबायॉलॉजिस्ट डॉ. निशात अंजुम ने उन्हें सलाह दी कि अब आगे क्या सावधानी बरतनी है।

सीएमओ ने तीनों का हालचाल पूछा और इलाज करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से मिलवाया। क्योंकि इलाज के दौरान पीपीई किट पहनने के कारण मरीज किसी को पहचान नहीं पाते थे। इसके बाद तीनों को एंबुलेंस से विभाग की टीम घर के लिए रवाना हुई।

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आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन

मेला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि सभी का इलाज भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की गाइडलाइन के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों का रवैया सहयोगात्मक रहा है। मरीजों को सुबह आठ बजे नाश्ते में दूध-चाय, फल, ब्रेड, अंडा, लंच में रोटी, चावल, दो सब्जी, सलाद और फल दिया जाता था। शाम को चाय के साथ बिस्किट और रात को भोजन।

लोगों को करूंगा जागरूक
मेला अस्पताल से घर जाते समय पांवधोई निवासी व्यक्ति की आंखें भर आई। उन्होंने कहा कि संक्रमित होने पर उसे बच्चों की परविश की चिंता रहती थी। उन्होंने कहा कि रमजान के पाक महीने में कोरोना महामारी का अंत अवश्य होगा। नियमों का पूरी तरह से पालन करेंगे और अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे।

हाथ जोड़कर जताया आभार
पनियाला निवासी युवक से जब डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मिलाया गया तो उसने सबका दोनों हाथ जोड़कर आभार जताया। युवक का कहना था कि जब पॉजिटिव रिपोर्ट आई तो कुछ नहीं सूझ रहा था। केवल खुदा की इबादत करता था। सोचता था कि ठीक होने पर लोगों की आजीवन सेवा और प्रकृति के नियमों का हमेशा पालन करूंगा।

बुजुर्ग को नहीं थी ठीक होने की उम्मीद
भगवानपुर क्षेत्र के मानकपुर माजरा के 62 वर्षीय मरीज का कहना था कि उन्हें जब इस बात का पता चला कि कोरोना संक्रमित मरीजों में मरने वालों में बुजुर्ग ज्यादा हैं तो उन्हें ठीक होने की उम्मीद नहीं थी। बुजुर्ग ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन नमाज अदा की और खुदा से ठीक होने की दुआ मांगी थी।
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अब अस्पताल में है चार मरीज

मेला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अब चार कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इनमें से भगवानपुर के मानकपुर मजरा की एक महिला, हाथरस कर मजदूर, लक्सर के बहादरपुर खादर और ज्वालापुर के पांवधोई का व्यक्ति शामिल है। मेला अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर राजेश गुप्ता ने बताया कि महिला और मजदूर की पहली रिपोर्ट भी नेगेटिव आ चुकी है।

इलाज करने में इनका रहा योगदान
टीम में डॉक्टर राजेश गुप्ता, फिजिशियन डॉक्टर संदीप टंडन, माइक्रोबायोलोजिस्ट डॉक्टर निशात अंजुम, गौरव श्रीवास्तव, डॉक्टर देवेंद्र रावत, लैब के वरिष्ठ तकनीशियन नितिन शर्मा, पंकज वर्मा, हेमंत बोरा, एक्सरे तकनीशियन एके सिंह, स्टाफ नर्स में अनीता जैन, उषा देवी, मिनाक्षी जेटली, कविता मल्ल, सुनिता आर्या, पूजा, श्वेता, ममता, हेमंती, अंजु पुंडीर, मनोरमा राय, एंजिलिना, सोना चौहान, आशा, पूनम प्याल, वार्ड ब्वाय में विजय, खुशीपाल, केदार, राय सिंह, अनुज, कुशम पाल, बदरी, लखन, अंकित, बॉबी, रोजनिल, महेश ढींगरा, मुकेश लखेड़ा।

जमात में शामिल हुए थे तीनों
चार अप्रैल को दिल्ली जमात से लौटे पनियाला निवासी युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी जोकि जनपद का पहला संक्रमित मरीज था। इसके बाद आठ अप्रैल को पांवधोई निवासी और 14 अप्रैल को भगवानपुर के मानकपुर माजरा निवासी की पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर मेला अस्पताल में भर्ती किया गया था। यह दोनों भी जमात में शामिल हुए थे।
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