बता दें कि इस राहत शिविर में पहले 336 नेपाली मजदूर रह रहे थे। दो दिन पूर्व प्रशासन ने 35 नेपाली मजदूरों को उनके ठेकेदार के पास भेज दिया। अब शिविर में कुल अब 289 नेपाली मजदूर रह रहे हैं।
शिविर में रह रहे प्रेम सिंह और धन सिंह ने बताया कि धारचूला प्रशासन द्वारा खाने पीने और रहने की बढ़िया व्यवस्था की गई है। उन्होंने नेपाल सरकार पर अपने नागरिकों की सुध नही लेने का आरोप लगाया।