लॉकडाउन में अधिकतर लोगों के कामधंधे बंद पड़े हैं। हालांकि, कुछ कंपनियों में काम करने वाले लोगों को प्रबंधन की ओर से वर्क फ्राम होम करने निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ये लोग इंटरनेट के जरिये घर बैठकर ही काम निपटा रहे हैं। हालांकि इन लोगों की ओर से वही काम किए जा रहे हैं।
सुख दुख भी बांट रहे ऑनलाइन
लॉकडाउन में सुख-दुख भी ऑनलाइन ही साझा किए जा रहे हैं। यदि किसी परिचित या फिर रिश्तेदारों के घर खुशी का मौका है तो व्हॉट्सएप, स्काइप, गूगल डूओ जैसे अन्य सोशल प्लेटफार्म के जरिये वीडियो कॉल कर बधाई दी जा रही है। वहीं, एक-दूसरे के दुख में भी ऑनलाइन ही शामिल होकर फर्ज निभाया जा रहा है। यही नहीं, कई लोग तो पूजा से लेकर क्रिया कर्म भी ऑनलाइन ही संपन्न करा रहे हैं।
सामान्य दिनों में कोतवाली या फिर सरकारी विभागों में बिजली, पानी के बिल जमा करने या फिर शिकायतें दर्ज कराने के लिए फरियादियों का जमावड़ा लगा रहता था, लेकिन इन दिनों लॉकडाउन में सारे सरकारी दफ्तर खाली पड़े हैं। संक्रमण के डर से अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी कार्यालय आने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में लोग ऑनलाइन बिल जमा कर व्हॉट्सएप पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
भुगतान भी ऑनलाइन
लोगों में कोरोना को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। एक भ्रांति यह भी है कि कोरोना वायरस कागज के नोटों और सिक्कों से भी फैलता है। ऐसे में लोग सामान लेकर डिजिटल लेनदेन कर रहे हैं, ताकि एक-दूसरे से कम से कम संपर्क में आएं। वहीं, सरकार के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी कोरोना के प्रति लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से ही जागरूक करने में जुटी हैं।