उन्होंने ने बताया कि गाजियाबाद में 20 मार्च से उनका ट्रक बुक है। इसमें दवाएं और अन्य सामान आना था, लेकिन आज तक उसे चलने की अनुमति नहीं मिल पाई है। अन्य राज्यों से गुजरने वाले वाहनों को बहुत दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ज्यादातर होलसेल विक्रेता अपने पास अतिरिक्त स्टॉक रखते हैं। राजधानी के दवा विक्रेताओं के पास होलसेल दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन जल्द ही आपूिर्त नहीं हुई तो ये स्टॉक भी खत्म हो जाएगा।
इस संबंध में मेरी जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत हुई है। जिला प्रशासन ने निर्देशित किया कि दवा सप्लाई में लगे वाहनों को आवेदन में इसका जिक्र करना होगा। इससे पहाड़ जाने वाले वाहनों को दिक्कत नहीं रहेगी।
-नीरज कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर
दूसरे राज्यों से हमारी दवा की गाड़ियां नहीं आ पा रही हैं। गाड़ियों को अनुमति नहीं मिल रही है। इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजकर गाड़ियों को अनुमति देने का अनुरोध किया जाएगा।
-ताजबर जग्गी, ड्रग कंट्रोलर ऑफ उतराखंड