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Uttarakhand Lockdown: 65 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत की खबर, मार्च माह का वेतन जारी

Mon, 13 Apr 2020 09:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सर्व शिक्षा अभियान के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी जल्द मिलेगा वेतन
  • कर्मचारियों की शिकायत पर सचिव वित्त ने निदेशक कोषागार को दिए कर्मचारियों को वेतन जारी करने के निर्देश
  • उपनल, पीआरडी, होमगार्ड, आउटसोर्स कर्मियों को दो माह से नहीं मिला वेतन
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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प्रदेश में 65 हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। विभाग की ओर से सोमवार को उनका वेतन जारी कर दिया गया है। शिक्षकों को मार्च का वेतन नहीं मिल पाया था। वहीं, सर्व शिक्षा के छह हजार शिक्षकों का वेतन भी जल्द जारी करने की तैयारी है।

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प्रदेश में लॉकडाउन के चलते पहले ही लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में समय पर वेतन ना मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शिक्षा विभाग में बेसिक और माध्यमिक के 65 हजार से अधिक शिक्षकों और इन स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों को मार्च का वेतन अब तक नहीं मिल पाया था। जबकि सर्व शिक्षा अभियान के स्कूलों में कार्यरत छह हजार शिक्षकों को फरवरी से वेतन नहीं मिला है।

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि शिक्षकों का मार्च का वेतन बजट सोमवार को रिलीज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग में सबसे अधिक डीडीओ हैं। 31 मार्च तक धनराशि सरेंडर की जानी थी। इस वजह से कुछ देरी हुई है। उन्होंने कहा कि एसएसए के शिक्षकों का वेतन भी जल्द जारी कर दिया जाएगा।

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कर्मचारियों का रुका वेतन तत्काल किया जाए जारी

सचिव वित्त ने निदेशक कोषागार को उपनल, पीआरडी, होमगार्ड और आउटसोर्स कर्मचारियों को तत्काल वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने सचिव वित्त अमित सिंह नेगी से मुलाकात कर न्यूनतम वेतन लेने वाले उपनल, पीआरडी, होमगार्ड और आउटसोर्स कर्मचारियों को दो माह से वेतन न मिलने की शिकायत की थी।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी और प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसांई ने सचिव को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें राजकीय विभागों, शिक्षण संस्थाओं, निगमों, स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत अधिकारियों, शिक्षकों व कर्मचारियों के अलावा उपनल, पीआरडी, होमगार्ड और आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने की बात कही गई थी।

ज्ञापन में कहा गया कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में लॉकडाउन है और कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा वेतन जारी करने से पूर्व कार्य बहिष्कार की अवधि को उपार्जित अवकाश (अर्न लीव) के तौर पर स्वीकृत किए जाने का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, यह लॉकडाउन की अवधि में संभव नहीं है।

उन्होंने सचिव वित्त से अनुरोध किया कि वे लॉकडाउन के हालातों के तहत अर्न लीव के समायोजन को प्रत्याशा में मानते हुए कर्मचारियों के वेतन का तत्काल भुगतान कराएं। जोशी के मुताबिक, सचिव वित्त ने वेतन जारी करने के संबंध में सचिव शिक्षा और सचिव पेयजल से दूरभाष बात की और निदेशक कोषागार को निर्देश दिए कि वह तत्काल वेतन जारी करें।
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