विभाग में वर्तमान में पंद्रह सौ नर्सें कार्यरत हैं। जबकि विभाग को पांच हजार नर्सों की जरूरत है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को आदेश जारी किए हैं कि देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल समेत अन्य जनपदों में नर्सों की पर्याप्त व्यवस्था की जानी है।
इसके लिए बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग की छात्राओं की विकल्प के रूप में सेवाएं ली जाएंगी। अस्पतालों में तैनानी अवधि में प्रति माह 15 हजार रुपए का मानदेय दिया जाएगा।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगभग 28 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी है। इसके अलावा 1315 डॉक्टरों, 850 स्टाफ नर्सों को कोरोना संक्रमण रोकने व बचाव कार्य में लगाया गया है। दस हजार से अधिक आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना संक्रमण रोकने की ट्रेनिंग दी गई है।
कोरोना संक्रमण को रोकने और बचाव के लिए सरकार की ओर से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तराखंड मेडिकल चयन बोर्ड व इंटरव्यू से चयनित डॉक्टरों को दो दिन में तैनाती दी जाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से डॉक्टरों को रखा जा रहा है।
- नितेश झा, सचिव, स्वास्थ्य विभाग