हरिद्वार से हावड़ा के लिए ट्रेन रद्द होने पर शनिवार देर रात प्रशासन ने बंगाली मजदूरों को हरिद्वार नहीं भेजा। रविवार सुबह ट्रेन जाने की हरिद्वार से सूचना मिलने पर प्रशासन के आदेश पर पटवारी कुलवीर ने मजदूरों से संपर्क कर 280 मजदूरों को स्टेडियम में एकत्र किया। तहसीलदार ने मजदूरों को भोजन कराकर नौ बसों से हरिद्वार रवाना किया। केवल बांग्लादेशी दो मजदूरों को रोका है।
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तहसीलदार विपिन चंद्र पंत ने बताया कि बीते दिन जब मजदूरों की जांच की जा रही थी तब पता चला कि निर्मल मंडल व हरिदास बांग्लादेश के हैं। दोनों के पास पासपोर्ट तो है, लेकिन वीजा की अवधि निकल गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों को राहत शिविर में रखा है।
निर्मल के रिश्तेदार अभिजीत ने बताया की दोनों बांग्लादेश से पासपोर्ट पर वीजा लेकर आए। लॉकडाउन के कराण वापस नहीं जा सके। वीजा की अवधि समाप्त हो गई। बीजा की अवधि से दो तीन महीना अधिक हो गया। उधर एएसपी राजेश भट्ट ने बताया की दोनों बांग्लादेशियों को राहत शिविर में रखा है। जल्दी ही कलकत्ता पुलिस को सौंपा जाएगा। संवाद