गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष व महापंचायत के संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा कि मां गंगा की चल विग्रह मूर्ति अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार गंगोत्री मंदिर को प्रस्थान करेगी। पूर्व में भी कई बार दैवीय व प्राकृतिक आपदाएं आई, लेकिन इन मंदिरों की पूजा व परंपराएं अक्षुण्य रही।
यमुनोत्री मंदिर समिति के सदस्य व महापंचायत के संरक्षक अनिरूद उनियाल ने कहा कि हाईटेक पूजा पद्धति शुरू करने के बजाय सरकार को सुविधाएं जुटाने का प्रयास करना चाहिए।