उन्होंने रिश्तेदार से ब्याज पर रुपए उधार लिए। लॉकडाउन की वजह से काम न मिलने के कारण परिवार आर्थिक तंगी झेल रहा है।
इसी तनाव में आकर सोनू ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे सीएचसी ले गए, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
सुरेश कुमार ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा अमरनाथ हैदराबाद में काम करने गया है। लॉकडाउन की वजह से वह वहीं फंसा है। उससे छोटा सोनू था। दो बहनें भी हैं। एक ही शादी हो गई है।
काशीपुर के ग्राम जाबत नगर रेहड़ बिजनौर निवासी भारत सिंह दो वर्ष से पत्नी और तीन बच्चों के साथ नई बस्ती कुंडेश्वरी में किराए के मकान में रहते हैं। मजूदरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।
ग्राम किरावली बुलंदशहर निवासी सोनपाल करीब सात साल से इसी कालोनी में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते हैं। दो वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान ने एपीएल राशन कार्ड बनवाया था, लेकिन कार्ड सरकारी दस्तावेजों में दर्ज नहीं हो सका।
जिसके चलते सस्ता गल्ला राशन विक्रेता इस राशन कार्ड पर राशन नहीं देता है। लॉकडाउन के कारण काम काज ठप है। उधार मांगकर घर का खर्च चला रहे हैं।