आरोप है कि लोगों से बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी लेकर उन्हें साइबर अपराधियों के नेटवर्क को उपलब्ध कराया गया। जांच में कुछ खातों के खिलाफ बिहार, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज मिली हैं।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बैंक खातों के ट्रांजेक्शन पैटर्न और मनी ट्रेल विश्लेषण से पता चला कि खातों में आई रकम को तुरंत नकद निकाला गया या अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके। जांच एजेंसी का मानना है कि यह एक संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट का हिस्सा है जो साइबर ठगी की रकम को विभिन्न खातों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से घुमाकर उसके स्रोत और अंतिम लाभार्थी की पहचान छिपाने का काम कर रहा था।
मामले में साइबर थाना देहरादून में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।