उत्तराखंड में कोटद्वार के सिताबपुर में 25 दिसंबर को टाइल्स कारोबारी के घर हुई डकैती में शामिल सातवें बदमाश अंकित की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया सामान और डकैती में प्रयोग किए हथियार बरामद कर लिए हैं। बदमाश अंकित के खिलाफ आईपीसी और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
25 दिसंबर को हथियारबंद बदमाशों ने हरिद्वार के टाइल्स कारोबारी प्रमोद कुमार के सिताबपुर कोटद्वार स्थित आवास पर डकैती डाली थी। टाइल्स कारोबारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के नौ दिन बाद पुलिस ने पांच बदमाशों को मुजफ्फरनगर (यूपी) से गिरफ्तार किया था जबकि डकैती के मास्टरमाइंड प्रवीण प्रजापति को 11 जनवरी को शामली (यूपी) से गिरफ्तार किया था।
कोतवाल नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि डकैती में शामिल सातवां बदमाश अंकित पुंडीर निवासी बिरालसी, थाना चरथावल, जिला मुजफ्फरनगर (यूपी) जो किसी अभियोग में जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है। उसे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार से रिमांड पर लिया गया है। उसकी निशानदेही पर मंगलवार को चिलरखाल से आगे जंगल में डकैती में उपयोग एक तमंचा, 315 बोर, एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद कोटद्वार से भागते समय अंकित ने हथियारों को जंगल में फेंक दिया था। उसकी निशानदेेही पर उसके मुजफ्फरनगर स्थित घर से लूटे गए जेवरात और नकदी भी बरामद की गई है। लूट का शत प्रतिशत सामान बरामद कर लिया गया है। पुलिस टीम में कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल चेतन सिंह, कुलदीप, सुनित कुमार और गजेंद्र शामिल थे।
पैसों के लालच में डकैती में हुआ शामिल
पूछताछ के दौरान आरोपी अंकित पुंडीर ने बताया कि प्रवीण प्रजापति ने लॉकडाउन से पहले राजकुमार से उसकी मुलाकात कराई थी। पैसों के लालच में उसने राजकुमार और अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रवीण प्रजापति के रिश्तेदार प्रमोद कुमार के घर पर डकैती डालने की योजना बनाई थी।