प्रदेश में पहली बार आयोजित किए जा रहे खेल महाकुंभ में नियम ऐसे बनाए गए हैं कि इसमें पूरी तरह फिट खिलाड़ी चाहकर भी हिस्सा ही नहीं ले सकते।
बॉक्सिंग में हिस्सा लेने के लिए जहां खिलाड़ियों को ओवरवेट होना आवश्यक है, वहीं ताइक्वांडों के खिलाड़ियों के लिए ‘कुपोषित’ होना अनिवार्य है। ऐज और वेट की कैटेगरी में मनमानी के चलते यह समस्या पैदा हुई है।
खेलों में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए उम्र के मुताबिक औसत वजन निर्धारित किया गया है। चिकित्सा विज्ञान और खेल विभाग दोनों ने उम्र व लंबाई के मुताबिक वजन का मानक तय किया है लेकिन खेल महाकुंभ में इसकी अनदेखी जा रही है।
अंडर-14 बालक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 48, 50, 52 और 54 किग्रा भार वर्ग तय किए गए हैं। वहीं बालिका ताइक्वांडों के लिए 18, 21, 23, 25 व 27 किग्रा भार वर्ग निर्धारित हैं। दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. महावीर सिंह से स्वास्थ्य संबंधी मानकों पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेडिकल साइंस के अनुसार एक उम्र में औसत वजन निर्धारित होता है।
इसमें कुछ कम या ज्यादा भी सामान्य माना जाता है, लेकिन जो ऐज और वेट की कैटेगरी बताई गई है, वह फिट खिलाड़ियों की होनी मुश्किल है। यह खिलाड़ी या तो अंडर वेट होंगे या ओवर वेट।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार पूरी तरह फिट अंडर-12 से अंडर-14 खिलाड़ी का वजन 30 से 50 किग्रा के बीच होना चाहिए। इससे अधिक वजन के खिलाड़ी भी बॉक्सिंग में हिस्सा ले सकते हैं लेकिन वह मिडिल, लाइट हैवी या हैवीवेट कैटेगरी में ही खेलने के पात्र होते हैं।