कश्मीर के नागबल (कुलगाम) में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए जनपद चमोली के गैरसैंण तहसील के मखोली गांव के लांस नायक रघुवीर सिंह को मरणोपरांत शौर्य चक्र से अलंकृत किया गया है। वह बीती फरवरी में आंतकी मुठभेड़ में शहीद हुए थे।
शहीद रघुवीर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई। इंटर तक मैहचौरी में पढ़ने के बाद 2004 में वह महार रेजीमेंट में भर्ती हो गए। 12 फरवरी को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से लोहा लेते हुए रघुबीर वीरगति को प्राप्त हुए। वह अपने पीछे पत्नी रेखा और एक आठ साल के बेटे को छोड़ गए हैं।
शहीद के पिता 60 वर्षीय आनंद सिंह भी सेना से रिटायर हैं। उनका कहना है कि बेटे के बिछुड़ने का गम तो हमेशा रहेगा, लेकिन खुशी इस बात की है कि वह एक सच्चे सिपाही की तरह सीने पर गोली खाकर शहीद हुआ है। देश के लिए जान देना सैनिक के लिए गौरव की बात है।
उन्हें सरकारी वायदों के पूरा न होने का मलाल भी है। मां पिंगली देवी को बेटे की शहादत पर शौर्य चक्र मिलने पर गर्व है। शहीद का भाई भी सेना में ही सेवाएं दे रहा है। मखोली गांव के समस्त ग्रामीण शहीद रघुबीर को मिले इस वीरता सम्मान से खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।