उत्तराखंड में वित्तीय वर्ष 2020 तक राजस्व घाटा था। वर्ष 2021 में राज्य का 1,113 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष रहा। जो वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 5,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। राजस्व अधिशेष ने राज्य को वित्त वर्ष 2022 व 2023 में प्राथमिक खाते में अधिशेष उत्पन्न करने में सक्षम बनाया है, जिससे राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020 के 7,657 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2023 में केवल 2,949 करोड़ रुपये रह गया है। रिपोर्ट में वेतन, पेंशन व ब्याज भुगतान पर राज्य का व्यय वित्त वर्ष 2024 तक उसके कुल राजस्व व्यय का लगभग 58 प्रतिशत होगा, जो वित्त वर्ष 2019 के 66.5 प्रतिशत से कम है।
प्रदेश सरकार वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए लगातार प्रयास है। एजेएनआईएफएम की ओर से राज्यों के वित्तीय प्रबंधन सूचकांक की रिपोर्ट में उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त होना बड़ी उपलब्धि है।
-दिलीप जावलकर, सचिव वित्त