दून में 20 से 25 प्रकार के सरसों के तेल उपलब्ध हैं। फुटकर में 180 से 200 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कुछ दिनों में 10 रुपये प्रति लीटर तक दाम गिरे हैं।
-विनोद गोयल, व्यापारी
पिछले महीने सरसों के तेल के दाम 220-230 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए थे। जो अब कुछ कम हुए हैं। आने वाले दिनों में दाम में और गिरावट के आसार हैं।
-मनोज कुमार गोयल, व्यापारी
उत्तराखंड में 70 फीसदी खाने वाला तेल मलेशिया और इंडोनेशिया से आता है। सोयाबीन रिफाइंड ब्राजील व अर्जेंटीना, सनफ्लॉवर यूक्रेन से मंगाया जाता है। इन सभी देशों में सरसों की फसल कम होने से दामों में बढ़ोतरी हुई है। अब हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सरसों की कटाई होने वाली है, इससे तेल की कीमतों में कमी की उम्मीद है।
- राजेंद्र प्रसाद गोयल, प्रदेश संयोजक, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
सरसों के दाम में उछाल से भी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरसों की कीमत 85 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। स्थानीय कोल्हू पर भी कच्ची घानी का तेल करीब 200 रुपये किलो बिक रहा है। सेलाकुई, विकासनगर में भी कुछ तेल मिलें हैं। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में अब सरसों की कटाई होगी। नई सरसों आने के बाद कीमतों में कुछ कमी आ सकती है।
-विजय थपलियाल, मंडी सचिव
पहले विदेश से ब्लेंड ऑयल आता था, जो सरसों तेल में मिलाया जाता था। अब केंद्र सरकार ने ब्लेंड ऑयल पर ड्यूटी बहुत अधिक बढ़ा दी है। इस कारण पर्याप्त मात्रा में ब्लेंड ऑयल नहीं आयात हो पा रहा है। भारतीय बाजार में जो तेल है, उसका ही इस्तेमाल हो रहा है। अब ज्यादातर कच्ची घानी का तेल है, जिसमें ब्लेंड ऑयल नहीं मिला है। इसलिए भी कीमतों में इजाफा हुआ है।
-अजय डबराल, मंडी निरीक्षक