हालांकि उस समय पुलिस ने मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य और साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर हलाला से जुड़े आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने अपनी चार्जशीट में हलाला को भी अपराध की श्रेणी में शामिल कर लिया। साथ ही पुलिस ने देहरादून निवासी रहमान का नाम भी प्रकाश में आने पर उसे भी प्राथमिकी में शामिल किया है।
एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि यह मूल एफआईआर में यूसीसी के सेक्शन नहीं थे, विवेचना के बाद मामले में यूसीसी के अंतर्गत तीन तलाक और हलाला के प्रावधानों को शामिल करते हुए चार्जशीट फाइल की गई है।