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खास खबर : 35 हजार की आबादी को बैंक सुविधा की दरकार, ग्रामीण बैंक सेवा के लिए लगाते हैं 18 से 45 किमी. की दौड़

Thu, 05 Nov 2020 02:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग

सार

  • 60 से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बैंक सेवा के लिए लगाते हैं  18 से 45 किमी की दौड़
  • बच्छणस्यूं, रानिगढ़, धनपुर पट्टी के गांव बैंक सेवा से अछूते
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बैंक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के बच्छणस्यूं, रानिगढ़, धनपुर, बांगर, कालीमठ घाटी को बैंक सुविधा नहीं मिल पाई है। यहां की 60 से अधिक ग्राम पंचायतों की लगभग 35 हजार आबादी को बैंक सेवा के लिए 18 से 45 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं हैं।

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 वर्ष 1997 में अस्तित्व में आए रुद्रप्रयाग जनपद के 45 फीसदी से अधिक भौगोलिक क्षेत्र का सिर्फ जिला बदला है। यहां विकास आज भी दम तोड़ रहा है। स्थिति यह है कि नवासू, बंगोली, गहड़, नौना-दानकोट, बरसूड़ी, बणसों, बणगांव, ग्वाड़, पीड़ा, ग्वेफड़, चिनग्वाड़, तुरियाल, कोदिमा, देउली, बधाणीताल, पुलन, जाल, चौमासी, कोटमा समेत 60 से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से लेकर स्कूली बच्चों को बैंक में खाता खुलवाने से लेकर पेंशन के लिए 18 से 45 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।

पूर्व ग्राम प्रधान सुरजीत सिंह रौथाण, पूर्व क्षेपं सदस्य भरत सिंह रावत, राकेश मोहन, ओम प्रकाश भट्ट आदि का कहना है कि ग्रामीणों को बैंक सुविधा के लिए खांकरा, रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, घोलतीर की दौड़ लगानी पड़ रही है। शासन, प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं।
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इधर मामले में लीड बैंक अधिकारी रुद्रप्रयाग एके शमा का कहना है कि जनपद में राष्ट्रीयकृत बैंकों को नई शाखा खोलने के संबंध में मेरे पास अभी संबंधित क्षेत्रों से कोई पत्र नहीं आया है। अगर, पूर्व में ऐसी कोई मांग हुई होगी तो उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर अग्रिम कार्रवाई कर संबंधित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा कि वहां बैंक शाखा खोलने की कितनी संभावनाएं हैं। 

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