बिंता के बजेल खत्ते में घटी सनसनीखेज वारदात की तह में पहुंचने की कोशिश में राजस्व पुलिस लगी हुई है। तहसीलदार लीना चंद्रा धामी ने बताया कि अभियुक्त दयाकिशन ने जुर्म कुबूल लिया है। उसने बताया है कि जहां-जहां खून गिरा था, उसने उसे जलाकर नष्ट कर दिया।राजस्व पुलिस को शक है कि वारदात में कुछ और सह अभियुक्त भी शामिल हो सकते हैं।
जांच की सुई इस ओर भी
आरोपी ने भले ही जुर्म कबूल लिया है लेकिन राजस्व पुलिस का मानना है कि वारदात को दयाकिशन ने अकेले अंजाम नहीं दिया है, उसके साथ कुछ और अभियुक्त भी हो सकते हैं। हालांकि यह बातें हत्यारोपी से पूछताछ के बाद ही साफ हो सकेगी। तहसीलदार लीना चंद्रा ने बताया कि अधिकांश साक्ष्य मौके से जुटा लिए गए हैं।
घटना स्थल बिंता से पांच किमी की खड़ी चढ़ाई में होने के कारण राजस्व पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। फिलहाल दया किशन पुलिस के कब्जे में है और मृतका के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत भेज दिया गया है।
राजस्व पुलिस ने देर शाम अभियुक्त दयाकिशन को बजेल खत्ता स्थित उसके घर से ही गिरफ्तार किया। तहसीलदार लीना चंद्रा धामी ने बताया कि दयाकिशन ने अत्यधिक शराब पी हुई थी। किसी बात पर पत्नी से झगड़ा हो गया और उसने आवेश में आकर उसकी हत्या कर दी। राजस्व पुलिस उसे कस्टडी में लेकर उसके विरुद्ध साक्ष्य जुटाने में लगी है।
मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया, पिता गया जेल
बिंता के बजेल खत्ते में हुई महिला की सनसनीखेज हत्या के बाद मृतका के तीनों बच्चे बेसहारा हो गए हैं। मां की जहां हत्या हो गई वहीं उसकी हत्या के आरोप में पिता को जेल भेज दिया गया है। ऐसे में सवाल यही उठता है कि मासूम बच्चों की परवरिश अब कैसे होगी। तीनों बच्चे दीक्षा माउंटेशरी स्कूल में पढ़ाई करते हैं और अब बुजुर्ग दादी ही उनका एकमात्र सहारा हैं।
कोरोना काल में स्कूल बंद होने के बाद से बच्चे मां बीना और बाप दयाकिशन के साथ रहने के लिए बजेल खत्ता चले आए थे। किसे पता था कि पिता ही मासूम बच्चों के सिर से मां का साया ही छीन लेगा। बड़ी बेटी भारती जोशी सातवीं में, तन्नू जोशी चौथी और पुत्र प्रशांत जोशी दूसरी कक्षा में पढ़ते हैं। दयाकिशन भी मवेशी पालकर, मेहनत, मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। बकौल दयाकिशन उसने शराब के नशे में इस वारदात का अंजाम दिया है।
तहसीलदार लीना चंद्रा ने बताया कि दोनों पति-पत्नी में काफी देर तक झगड़ा हुआ है। पहले दयाकिशन अपनी मां से उलझा तो उसने किसी तरह बाहर भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद दयाकिशन का गुस्सा पत्नी पर फूट पड़ा। बग्वालीपोखर के चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वह लोग अभियुक्त के घर तक गए थे। बताया जा रहा है कि दयाकिशन के वार से पुत्री के पांव में भी चोट और जख्म के निशान हैं।