मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में खेती किसानी के साथ सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए शहद उत्पादन के लिए योजना बनाएगी। प्रत्येक जिले में मौन पालन के क्लस्टर बनाकर शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। रविवार को उद्यान विभाग ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में रखे मौन बॉक्स से शहद निकाला।
जिसमें एक माह के भीतर ही 20 किलो शहद तैयार हुआ। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद भी शहद को डिब्बों में डाला। इस मौके पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन के लिए कार्य योजना बनाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में
खेती के साथ मौन पालन किसानों की आर्थिकी सुधारने में कारगर हो सकता है। किसानों के छोटे-छोटे समूह बनाकर उन्हें मौन पालन बॉक्स उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ.मीनाक्षी जोशी से देहरादून में शहद उत्पादन की जानकारी ली। सीएम ने कहा, रॉ हनी का उत्पादन करने के लिए योजना बनाई जाए। इस मौके पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, श्रम एवं संविदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल, सीएम आवास परिसर के उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित आदि मौजूद रहे।
प्रदेश से 200 करोड़ का शहद का निर्यात
उत्तराखंड में लगभग छह हजार से अधिक किसान मौन पालन का कार्य करते हैं। प्रदेेश में 2200 मीट्रिक टन शहर का उत्पादन किया जा रहा है। देश दुनिया में उत्तराखंड के शहद की काफी डिमांड है। वर्तमान में राज्य से प्रतिवर्ष करीब 200 सौ करोड़ का शहद निर्यात किया जाता है।