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उत्तराखंड के हिमालय ने बचा लिए दुर्लभ वन्यजीव

Sun, 03 Sep 2017 11:41 AM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव/ अमर उजाला, देहरादून
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Tibetan Fox
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कार्बेट पार्क जैसी सुरक्षित जगह से जंगली कुत्ते लुप्त हो गए, लेकिन हिमालय ने कई वन्यजीवों को खत्म होने से बचा लिया है। इसमें हिमालय वाइल्ड डॉग भी है, जिसकी कैमरा ट्रैप में फोटो आई है।
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इसके बाद भी निश्चित अंतराल पर वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों को इसकी उपस्थिति मिली है। इसके अलावा उत्तराखंड के हिमालय में तिब्बती लोमड़ी भी देखी गई है। इन वन्यजीवों की उपस्थिति मिलने के बाद वैज्ञानिक अध्ययन कर उनके मूवमेंट पैटर्न समेत व्यवहार से जुड़ी अन्य जानकारियों का पता करने की कोशिश में लगे हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार 1950 के दशक के बाद कार्बेट पार्क (तराई क्षेत्र) में जंगली कुत्ते नहीं देखे गए हैं। लेकिन, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालीय क्षेत्र में दिसंबर 2015 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा लगाए गए कैमरा ट्रैप में पहली बार फोटो आने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्य मिले। इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एस सत्यकुमार के अनुसार हाल में वैज्ञानिकों की टीम उत्तरकाशी में अध्ययन के लिए गई थी, वहां पर वैज्ञानिकों की टीम ने एक जंगली कुत्ते को देखा। यह जानवर मिजाज से शर्मीला होता है और बहुत मुश्किल से दिखता है, लेकिन संबंधित क्षेत्र में करीब एक घंटे तक जंगली कुत्ता रहा।
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इतने लंबे समय तक जंगली कुत्ते को देखा जाना अपने आप में बड़ी घटना है। इससे भी वैज्ञानिकों को काफी जानकारी मिली है। सामान्य तौर पर मैदान के इलाके में जो जंगली कुत्ते होते हैं, वह झुंड में रहते हैं लेकिन हिमालय में मिलने वाले जंगली कुत्ते अकले या दो-तीन के छोटे झुंड में रहते हैं। हिमालय क्षेत्र में जंगली कुत्ता के मिलने से माना जा रहा है कि ये क्षेत्र उसके रहने, शिकार आदि के लिए मुफीद है। इसके अलावा तिब्बती लोमड़ी की फोटो भी कैमरा ट्रैप में आई है। यह भी एक बड़ी उपलब्धि है। अभी तक हम इन वन्यजीवों के बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानते हैं, अब नई जानकारी सामने आ रही है।

कार्बेट पार्क में स्ट्राइप्ड हायना मिला
तराई के जंगल में स्ट्राइप्ड हायना लुप्त मान लिया गया था। लेकिन, उसकी उपस्थिति मिल रही है। करीब सात साल पहले कैमरा ट्रैप में वैज्ञानिकों को नंधौर अभ्यारण्य में स्ट्राइप्ड हायना की मौजूदगी का साक्ष्य मिला है। इसके बाद 2015 में कार्बेट पार्क में स्ट्राइप्ड हायना की फोटो मिली थी। कार्बेट पार्क के उप निदेशक अमित वर्मा ने बताया कि 2017 में बाघों की गणना के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए थे, इसमें एक बार फिर स्ट्राइप्ड हायना की फोटो आई है। यह संकेत है कि सुरक्षा और वास स्थल के सुधार के चलते करीब लुप्त मान लिए गए स्ट्राइप्ड हायना की संख्या बढ़ रही है।
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