नाम विषय महाविद्यालय
- सोनिया गंभीर वाणिज्य एसएलएम पीजी कालेज पिथौरागढ़
- विकास खंडेलवाल वाणिज्य पीजी कालेज, गोपेश्वर
- मैत्रेयी थपलियाल वाणिज्य पीजी कालेज नई टिहरी
- संजय कुमार पांडेय वाणिज्य डिग्री कालेज सोमेश्वर
-शांति वाणिज्य पीजी कालेज लोहाघाट
- हरीश चंद्र जोशी वाणिज्य डिग्री कालेज नैनीडांडा
- रोहित जोशी वाणिज्य पीजी कालेज रानीखेत
- अंशिका बंसल वाणिज्य पीजी कालेज नई टिहरी
- अखिल शर्मा वाणिज्य पीजी कालेज गोपेश्वर
- रोशनी रावत वाणिज्य डिग्री कालेज, पाबो, गोपेश्वर
- हिना नौटियाल वाणिज्य पीजी कालेज, कर्णप्रयाग
- आवेश गोयल वाणिज्य डिग्री कालेज, त्यूनी
- राहुल चंद्रा वाणिज्य पीजी कालेज, रानीखेत
- पायल भल्ला वाणिज्य पीजी कालेज पिथौरागढ़
- सौरव रावत वाणिज्य पीजी कालेज गोपेश्वर
- ममता भट्ट वाणिज्य पीजी कालेज कर्णप्रयाग
- रविंद्र कुमार वाणिज्य पीजी कालेज, कर्णप्रयाग
-सचिन अग्रवाल वाणिज्य डिग्री कालेज, कांडा
- सत्येंद्र कुमार वाणिज्य पीजी कालेज नई टिहरी
- बुशरा मतीन वाणिज्य पीजी कालेज, रानीखेत
- शंकरनाथ गोस्वामी वाणिज्य पीजी कालेज लोहाघाट
- दीपिका वाणिज्य पीजी कालेज उत्तरकाशी
- चमन कुमार वाणिज्य डिग्री कालेज त्यूनी
- हरीश चंद्र रतूड़ी वाणिज्य पीजी कालेज कर्णप्रयाग
- जाहिद मुस्तफा वाणिज्य पीजी कालेज पिथौरागढ़
- अनुराग भंडारी वाणिज्य डिग्री कालेज गुप्तकाशी
- फखरुद्दीन राही वाणिज्य पीजी कालेज बागेश्वर
- ज्योतिका कौर वाणिज्य पीजी कालेज जहरीखाल
- सुखपाल सिंह रौतेला वाणिज्य पीजी कालेज लोहाघाट
- सृष्टि वाणिज्य पीजी कालेज उत्तरकाशी
शासन द्वारा आयोग से चयनित वाणिज्य विषय के 23 असिस्टेंट प्रोफेसरों को अभी उच्चशिक्षा निदेशालय से अटैच किया गया है, इन्हें बाद में तैनाती दी जाएगी। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर आशा रौंगली, दीप सिंह, वरुण कुमार, पूजा, विजय कुमार, प्रतिभा शाह, वंदना लोहनी, प्रभदीप सिंह, आशा बाल्मीकि, शालनी टम्टा, गौरव कुमार, प्रदीप कुमार वर्मा, नितिज्ञा वर्मा, भारती जायसवाल, राजेश कुमार, घनश्याम सिंह, ममता रावत, उमेश चंद्र आर्या, गणेश चंद्र, विवेक कुमार आर्या, नेतरात, अर्जुन रवि आदि शामिल हैं।
शासन की कोशिश है कि डिग्री कालेजों में जल्द ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती हो सके। पहाड़ के डिग्री कालेजों में 30 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती की गई है जबकि 23 असिस्टेंट प्रोफेसरों को उच्चशिक्षा निदेशालय में ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं। इनकी जरूरत के हिसाब से डिग्री कालेजों में तैनाती की जाएगी।
- आनंदबर्द्धन, प्रमुख सचिव उच्चशिक्षा