अवमानना के एक मामले में हाईकोर्ट ने प्रारंभिक शिक्षा के अपर निदेशक वीएस रावत से कहा कि या तो वह कोर्ट के आदेश का पालन करें या फिर जेल जाएं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक दोपहर बाद फिर कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने कहा कि आदेश का पालन हो गया है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका निस्तारित की।
हरिद्वार निवासी वीर कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि याची को चंपावत में नियुक्ति दी गई थी, जबकि उन्होंने सहायक अध्यापक के पद पर हरिद्वार में नियुक्ति मांगी थी। याची ने इसी नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और हाईकोर्ट ने याची को हरिद्वार में नियुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने विशेष याचिका दाखिल की थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। पूर्व में कोर्ट ने इस प्रकरण में आरोप तय कर दिए थे।
इसके बाद भी आदेश का पालन न होने पर सोमवार को सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने सख्त रुख अपनाया। पीठ ने अपर निदेशक को चेतावनी जारी की और इस मामले की सुनवाई दोपहर बाद जारी रखना तय किया। कोर्ट में दोपहर बाद फिर से पेश हुए अपर निदेशक ने कहा कि आदेश का पालन कर दिया गया है।