हाईकोर्ट ने 2016 की विनियमित कर्मचारियों (संविदा, तदर्थ, अंशकालिक, दैनिक वेतन और अंशकालिक ) से संबंधित नियमावली निरस्त होने के बाद इस नियमावली के तहत नियमित कर्मचारियों के पदों को रिक्त मानकर सीधी भर्ती से भरे जाने के सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश से करीब 1200 कर्मचारी प्रभावित होंगे।
हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल की ममता डंगवाल सहित 27 अन्य लोगों की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति शरद कुमार की एकलपीठ ने इस मामले में प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिए। पूर्व में हाईकोर्ट ने 2016 की विनियमितीकरण नियमावली को निरस्त किया था।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने नियमावली के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों के पदों को रिक्त मानते हुए इन पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया था। सात जनवरी को इससे संबंधित अधिसूचना भी जारी की गई थी।
सरकार ने यह भी फैसला किया था कि सीधी भर्ती में विनियमित कर्मियों को उनकी सेवा के अनुसार अधिमान अंक भी दिए जाएंगे। अब पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी करने की तैयारी की जा रही थी। हाईकोर्ट ने इन पदों को विज्ञापित करने पर भी रोक लगाई है।