हाईकोर्ट ने हरिद्वार गंगा सभा के संविधान में बदलाव को लेकर बुलाई गई बैठक पर रोक लगाने के निबंधक के आदेश को निरस्त कर दिया है। संस्था के दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित है।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह ने हरिद्वार निवासी करण शर्मा की याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की। याची का कहना था कि हरिद्वार गंगा सभा मे परिवार के पांच सदस्यों का एक वोट होता है। परिवार में पांच से दस तक सदस्य पर दो वोट गिने जाते हैं।
हाल ही में संस्था की बैठक में तय हुआ कि हर वयस्क सदस्य का एक वोट गिना जाए। संविधान में संशोधन को लेकर बुलाई गई बैठक पर निबंधक के आदेश का हवाला देकर उपनिबंधक ने रोक लगा दी। याची ने निबंधक के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची की ओर से कहा गया कि निबंधक को आंतरिक बैठक आयोजित करने पर रोक लगाने का अधिकार नही है।