हाईकोर्ट ने समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी मयंक नौटियाल की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता चंद्रशेखर करगेती और सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ के समक्ष मामलेकी सुनवाई हुई। राज्य में छात्रवृत्ति में हुए लाखों के घोटाले में एसआईटी ने मयंक नौटियाल के खिलाफ डोईवाला थाने में एफआईआर दर्ज की है।
मयंक पर आरोप है कि 2013-14 में एमबीबीएस कोर्स के लिए हिमालयन आयुर्वेदिक कॉलेज देहरादून में प्रवेश लेते समय तहसील से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया। नियमानुसार पात्र न होते हुए भी समाज कल्याण विभाग से अनुसूचित जनजाति दर्शाकर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत लाखों रुपए की छात्रवृत्ति भी ली।
इसके अलावा अपने पिता की आय को 35 सौ दर्शाया जबकि उसके पिता ने इसी वर्ष का चार लाख से ज्यादा आयकर जमा किया था। घोटाले की जांच कर रही एसआईटी की ओर से 11 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। मयंक नौटियाल की ओर से यह कहते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी कि सिर्फ लिखित शिकायत पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।