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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने आवास किराए मामले में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिव को भेजा अवमानना नोटिस

Fri, 14 Aug 2020 09:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • हाईकोर्ट ने सरकारी अवास के किराए और अन्य सुविधाओं पर खर्च
  • राशि का भुगतान न करने पर चार सप्ताह में मांगा जवाब
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पूर्व में पारित आदेश का पालन नहीं करने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों विजय बहुगुणा, बीसी खंडूरी, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और मुख्य सचिव ओमप्रकाश को अवमानना नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने सभी को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में कोर्ट ने आदेश पारित कर छह माह के भीतर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवासों का किराया और अन्य सुविधाओं पर खर्च राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था।

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न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइटलमेंट केंद्र (रुलक) ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट ने मई 2019 में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी आवासों का किराया और अन्य सुविधाओं पर खर्च हुई राशि का भुगतान छह माह के भीतर करने का आदेश दिया था लेकिन अब तक उन्होंने इसका भुगतान नहीं किया है।

कोर्ट ने रजिस्ट्री को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून के माध्यम से नियमित सेवा के अलावा नोटिस की सेवा सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। संस्था ने पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस संबंध में संविधान के अनुछेद 361 में नोटिस भेजा है क्योंकि उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने से दो माह पहले सूचना देनी आवश्यक होती है। अभी उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर नहीं की गई है।

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बाजार दर से किराया जमा करने के आदेश दिए थे पूर्व मुख्यमंत्रियों को

हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को छह माह में बाजार दर से बकाया किराया जमा कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सरकार को बिजली, पानी,गनर, टेलीफोन, पेट्रोल आदि पर हुए खर्च की गणना कर चार माह के भीतर वसूलने के आदेश भी दिए थे। कोर्ट ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के विषय में कहा था कि सरकार चाहे तो उनकी संपति से किराया वसूल कर सकती है। 

कोश्यारी और बहुगुणा की पुनर्विचार याचिका हो चुकी है खारिज
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। दोनों पूर्व सीएम ने कहा था कि सरकार की ओर से किराया तय करने से पहले उन्हें नोटिस नहीं दिया गया। इसके बाद कोर्ट ने उनकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था। 

पांचों पूर्व सीएम पर 2.85 करोड़ बकाया
सरकार ने पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों पर दो करोड़ 85 लाख रुपये की राशि बकाया होने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। सरकार ने बताया था कि पूर्व सीएम निशंक पर 41 लाख 64 हजार 389 रुपये, बीसी खंडूरी पर 48 लाख 49 हजार 816 रुपये, विजय बहुगुणा पर 37 लाख 90 हजार, भगत सिंह कोश्यारी पर 47 लाख 57 हजार 758 रुपये बकाया हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. एनडी तिवारी पर एक करोड़ 13 लाख रुपये की राशि बकाया है। 

पूर्व सीएम को दी रहीं सुविधाएं नियमविरुद्ध : रुलक
हाईकोर्ट में देहरादून की रुरल लिटिगेशन एंड एंटाइटलमेंट केंद्र (रुलक) ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार द्वारा जो सरकारी भवन और सुविधाएं दी जा रहीं हैं, वह नियमविरुद्ध हैं। जब से पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी भवन का प्रयोग कर रहे हैं, उनसे उक्त अवधि से अब तक का किराया वसूलने की मांग भी की गई थी।
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