हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को छह माह में बाजार दर से बकाया किराया जमा कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सरकार को बिजली, पानी,गनर, टेलीफोन, पेट्रोल आदि पर हुए खर्च की गणना कर चार माह के भीतर वसूलने के आदेश भी दिए थे। कोर्ट ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के विषय में कहा था कि सरकार चाहे तो उनकी संपति से किराया वसूल कर सकती है।
कोश्यारी और बहुगुणा की पुनर्विचार याचिका हो चुकी है खारिज
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। दोनों पूर्व सीएम ने कहा था कि सरकार की ओर से किराया तय करने से पहले उन्हें नोटिस नहीं दिया गया। इसके बाद कोर्ट ने उनकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था।
पांचों पूर्व सीएम पर 2.85 करोड़ बकाया
सरकार ने पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों पर दो करोड़ 85 लाख रुपये की राशि बकाया होने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। सरकार ने बताया था कि पूर्व सीएम निशंक पर 41 लाख 64 हजार 389 रुपये, बीसी खंडूरी पर 48 लाख 49 हजार 816 रुपये, विजय बहुगुणा पर 37 लाख 90 हजार, भगत सिंह कोश्यारी पर 47 लाख 57 हजार 758 रुपये बकाया हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. एनडी तिवारी पर एक करोड़ 13 लाख रुपये की राशि बकाया है।
पूर्व सीएम को दी रहीं सुविधाएं नियमविरुद्ध : रुलक
हाईकोर्ट में देहरादून की रुरल लिटिगेशन एंड एंटाइटलमेंट केंद्र (रुलक) ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार द्वारा जो सरकारी भवन और सुविधाएं दी जा रहीं हैं, वह नियमविरुद्ध हैं। जब से पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी भवन का प्रयोग कर रहे हैं, उनसे उक्त अवधि से अब तक का किराया वसूलने की मांग भी की गई थी।