हाईकोर्ट ने प्रदेश के पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाला में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अक्तूबर की तिथि नियत की है। पूर्व में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुभाष नौटियाल की जनहित याचिका में लगाए आरोपों के आधार पर घोटाले की जांच डायरेक्टर विजिलेंस से हटाकर समस्त दस्तावेजों के साथ एसआईटी को देने कहा था।
साथ में सरकार की ओर से नियुक्त स्पेशल काउंसल पुष्पा जोशी और ललित सामंत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि एसआईटी ने 77 प्रतिशत जांच पूरी कर ली है। शेष 23 प्रतिशत जांच को उन्हें छह माह का समय दिया जाए। लेकिन कोर्ट ने समय न देकर इस बिंदु पर बहस करने को कहा था। इस पर सुनवाई होनी बाकी है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी रवींद्र जुगरान, एसके सिंह व सुभाष नौटियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2005 से प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति का घोटाला किया जा रहा है। छात्रवृत्ति का पैसा छात्रों को न देकर स्कूलों को दिया गया या फिर उन लोगों को दिया गया जो उस स्कूल के छात्र ही नहीं थे। याचिकाकर्ता ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।