किसान आयोग का गठन करने और गन्ना के बकाया भुगतान के मामले में हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने सोमवार को पेश किए गए मुख्य सचिव के शपथ पत्र को खारिज कर दिया। पीठ ने मुख्य सचिव को फिर से विस्तृत शपथ पत्र पेश करने को कहा।
प्रदेश में किसानों की आत्महत्याओं से संबंधित याचिका की सुनवाई के बाद 26 अप्रैल 2018 को हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को किसान आयोग का गठन करने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने सहित कई निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों का पालन न होने पर हाईकोर्ट में गणेश उपाध्याय ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। इसी अवमानना याचिका के तहत सोमवार को मुख्य सचिव ने कोर्ट में शपथपत्र दाखिल किया गया। शपथपत्र में कहा गया कि किसानों को फसल मूल्य का भुगतान 15 अप्रैल 2019 तक कर दिया गया है। लोकसभा चुनाव के तहत आचार संहिता लागू होने के कारण किसान आयोग का गठन नहीं हो पाया है।
याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने गन्ना किसानों का 2019 का 700 करोड़ और 2018 का 200 करोड़ का भुगतान नहीं किया है। इसी तरह किसान अयोग का गठन भी सरकार ने अभी तक नहीं किया है।