फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण मामले में 18 प्रभावितों के स्टे आदेश को किया निरस्त

Wed, 16 Dec 2020 10:37 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

नैनीताल हाईकोर्ट ने खटीमा में अतिक्रमण हटाने के मामले में दायर 18 प्रभावितों की याचिकाओं को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पूर्व में दिए गए स्टे आदेश को भी निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने खटीमा नगर पालिका को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण को विधिवत हटाया जाए।

विज्ञापन


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार खटीमा निवासी कवींद्र सिंह कफलटिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि खटीमा में लोगों ने सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और गलियों में अतिक्रमण किया है।

इसके चलते क्षेत्र में पैदल रास्ता भी नहीं बचा है। याचिका में कहा कि अतिक्रमण के चलते आने-जाने वाले लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में कई बार नगर पालिका व प्रशासन को शिकायत भी की गई, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की ओर से खटीमा को अतिक्रमण मुक्त किए जाने की मांग की थी। पूर्व में प्रशासन की ओर से कोर्ट में शपथपत्र पेश कर कहा गया था कि नगर पालिका परिक्षेत्र में लगभग 460 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं।

इनमें से करीब चार सौ अतिक्रमणकारियों को हटा दिया गया है। 60 अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कीं हैं जिनकी सुनवाई जारी है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि जिन याचिकाओं में स्टे नहीं है, उन्हें हटा दिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें