उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कोरोना काल से निगम कर्मियों को वेतन नहीं दिया गया है और ना ही सरकार उत्तर प्रदेश सरकार से बकाया राशि लेने में रुचि दिखा रही है, जबकि रोडवेज कर्मचारियों ने इस कठिन दौर में अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है।
यूनियन के अधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने जून में कर्मचारियों के वेतन के लिए 18 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी थी, लेकिन अभी तक यह राशि नहीं दी गई है।
मामले के अनुसार उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रोडवेज कर्मचारियों को निगम समय पर वेतन और अन्य भत्ते नहीं दे रहा है। याचिका में यह भी कहा गया कि सरकार यूपी से पुराना पैसा भी वापस नहीं ला पा रही है, जिस कारण निगम उनको समय पर वेतन नहीं दे पा रहा है।