मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए करीब 200 हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की गई थी। इन हेलीकॉप्टरों से पर्यावरण के साथ ही बुग्यालों और क्षेत्र में रहने वाले जंगली जानवरों को भी खतरा हुआ।
याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की एकलपीठ की ओर से दिए गए आदेशों की अवहेलना की। एकलपीठ ने पहाड़ी क्षेत्रों के बुग्यालों आदि में किसी भी प्रकार की गतिविधि पर प्रतिबंध लगाया था।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिए कि वह नुकसान के एवज में सरकार के पास जमा गुप्ता बंधुओं की चार करोड़ की धनराशि में से ढाई करोड़ रुपये उन्हें वापस करे। कोर्ट ने पर्यावरण नुकसान मामले में सुनवाई के लिए शीतकालीन अवकाश के बाद फरवरी की तिथि नियत की है।