नैनीताल हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव, मेलाधिकारी और हरिद्वार डीएम को बैठक कर हरिद्वार महाकुंभ में भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय, कार्ययोजना पर आधारित रिपोर्ट, महाकुंभ को लेकर एसओपी और गाइडलाइन 13 जनवरी को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मुख्य सचिव (सीएस), स्वास्थ्य सचिव, मेलाधिकारी और डीएम हरिद्वार को 13 जनवरी को कोर्ट में मौजूद रहने के लिए भी कहा है।
मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सच्चिदानंद डबराल और अन्य ने हाईकोर्ट में अलग-लग जनहित याचिकाएं दायर कर कहा था कि क्वारंटीन सेंटर और कोविड केयर सेंटर बदहाल स्थिति में हैं। याचिका में कहा गया कि राज्य में लौट रहे प्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी क्वारंटीन सेंटरों में सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया था। डीएम की अध्यक्षता में हर जिले में निगरानी कमेटियां गठित की गईं थीं। सुनवाई के दौरान जिलों की निगरानी कमेटियों ने सुझाव पेश किए गए। तीन जिलों की रिपोर्ट पेश नहीं होने पर उन्हें भी 13 जनवरी को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया।