हाईकोर्ट ने 14 फरवरी, 2017 को देहरादून में विवाहिता आंचल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट में दायर की गई दून निवासी पत्रकार अनिल की याचिका के मुताबिक 14 फरवरी, 2017 को उन्होंने देहरादून थाने में दामाद राहुल पांधी, उसकी मां किरण पांधी और राहुल की दो बहनों के खिलाफ उनकी बेटी आंचल की हत्या के मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी। आंचल का विवाह 2008 में राहुल से हुआ था। याचिका में कहा कि राहुल के किसी अन्य महिला से संबंध थे और इस कारण उसने अपने परिवारवालों के साथ मिलकर आंचल की गला घाेंटकर हत्या कर दी।
याची के मुताबिक पुलिस ने राहुल के खिलाफ 302 (हत्या) की जगह 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) धारा में मामला दर्ज कर चार्जशीट फाइल की और अन्य आरोपियों को इससे अलग कर दिया गया। इसके बाद याची ने गृह सचिव को पत्र लिखा तो सीबीसीआईडी को जांच की गई। याची का क हना था कि सीबीसीआईडी ने भी इस मामले में सही जांच नहीं की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की पीठ ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
आंचल के पिता बोले, मेरी बेटी को न्याय जरूर मिलेगा
चर्चित आंचल पांधी की मौत का सच सामने लाने को संघर्ष कर रहे उनके पिता अनिल कोहली ने हाईकोर्ट के आदेशों को इंसाफ की दिशा में पहला कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि सीबीआई जांच से उनकी बेटी को इंसाफ जरूर मिलेगा। वे पहले दिन से ही इसे हत्या बता रहे थे, जबकि पुलिस ने वैज्ञानिक तथ्यों व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आंचल पांधी की मौत को आत्महत्या बताया था। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने आंचल के पति राहुल पांधी को गिरफ्तार भी किया था।
गौरतलब है कि 14 फरवरी 2017 को मसूरी डायवर्जन स्थित राजपुर हाईट्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट में आंचल पांधी फंदे पर झूलती मिली थी। घटना के बाद आंचल के पिता अनिल कोहली ने बेटी के पति राहुल पांधी पर हत्या का आरोप लगाते हुए राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना का सच सामने लाने की मांग को लेकर यह मामला सोशल मीडिया में भी छाया रहा। सड़कों पर जगह-जगह कैंडल मार्च निकाले गए और पुलिस जांच पर सवाल खड़े किए गए थे। इसके बाद पुलिस महानिदेशक के आदेशों पर मामले की जांच एसओ राजपुर से हटाकर उस वक्त एसपी ग्रामीण रहीं श्वेता चौबे को दी गई थी। उन्होंने मौके पर मिले ब्लड सैंपल से डीएनए जांच, विसरा रिपोर्ट व अन्य वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इसे आत्महत्या माना था। इसके बाद मुकदमा को हत्या से आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में तरमीम कर दिया गया। इसमें पति राहुल पांधी, सास व आंचल की दो नंदों को आरोपी बनाया गया। जांच के बाद पुलिस ने राहुल पांधी को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। दो महीने जेल में रहने के बाद वर्तमान में राहुल पांधी जमानत पर है।
इधर, इसी बीच 20 अप्रैल 2017 को आंचल के पिता अनिल कोहली ने हाईकोर्ट में अपील कर सीबीआई जांच की मांग की थी। अनिल का कहना था कि पुलिस ने घटना के तत्काल बाद मौके पर पड़े खून का सैंपल नहीं लिया था। बार-बार कहने पर भी पंचायतनामे में इसे प्रथमदृष्टया हत्या नहीं दर्ज किया गया। इसके बाद जब प्रदर्शन हुए और उन्होंने डीजीपी से गुहार लगाई तब कहीं जाकर वहां से ब्लड सैंपल लिए गए। इसका डीएनए आंचल की मां के साथ मिलान हो गया। पुलिस की इसी हीलाहवाली को देखते हुए हाईकोर्ट ने अब सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।