सरकार की स्पेशल अपील के तहत हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार बाजपुर और श्रीनगर में 15 अक्तूबर से पहले आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करे। कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश में निकायों के चुनाव का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
प्रदेश में मई 2018 के बाद से ही चुनाव टलते आ रहे हैं। पूर्व में एकलपीठ ने प्रदेश की 41 पालिकाओं के आरक्षण फिर से निर्धारित करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इसी के साथ एक अन्य निर्णय में यह स्पष्ट किया कि प्रदेश के नगर निगमों में आरक्षण के संबंध में कोर्ट की ओर से 25 मई 2018 को दिया गया फैसला केवल रुड़की नगर निगम के लिए था।
पूर्व में किच्छा नगरपालिका के आरक्षण, बाजपुर, श्रीनगर, भतरौंजखान और सेलाकुई पालिकाओं और रुड़की नगर निगम के परिसीमन को लेकर कोर्ट में विभिन्न याचिकाएं दायर की गईं थीं।