हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता नाबालिग का गर्भपात कराने की अनुमति संबंधी प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए सीएमओ नैनीताल को तीन वरिष्ठ डॉक्टरों का एक पैनल गठित कर युवती के गर्भ का परीक्षण कराने और रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
पैनल सात जुलाई यानी शनिवार को ही युवती और उसके गर्भ का मेडिकल परीक्षण करेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने पीड़िता की पहचान को उजागर न करने के भी निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नाबालिग युवती ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि वह 16 वर्ष की है और बलात्कार पीड़ित है।