हाईकोर्ट ने जागेश्वर आरतोला मोटर मार्ग सहित क्षेत्र में बहुमंजिला भवनों के निर्माण पर रोक लगाते हुए विशेष क्षेत्र प्राधिकरण को निर्माण कार्यों के लिए बायलॉज बनाने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को निर्देश दिये कि वह जागेश्वर मुख्य मंदिर की तीन किलोमीटर की परिधि में समस्त मंदिरों को प्राचीन स्मारक और पुरातत्व क्षेत्र को एक्ट 1958 की परिधि में ले और यहां स्थित मंदिरों का जीर्णोद्धार करे।
जागेश्वर और उसके आसपास के गांवों के लोगों ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायत की थी। लोगों की शिकायत थी कि लैंड कंट्रोल एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने इसी पत्र का संज्ञान लेकर इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने इस पत्र के आधार पर सुनवाई करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को जागेश्वर समूह के सभी मंदिरों को उनके मूल स्वरूप में लाने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने आरतोला जागेश्वर मोटर मार्ग के किनारे और जागेश्वर मुख्य मंदिर के तीन किमी के दायरे में पेड़ों के कटान पर रोक लगाई। कोर्ट ने वहां स्थित होटल मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे सीवरेज व अन्य का पानी नदी में न डालें।