सरकार के प्रतिनिधि ने कोर्ट को बताया कि घाटों के निकट 50 कूड़ेदान लगाए गए हैं। एक ट्रेक्टर ट्राली किराए पर लेकर सफाई कराई जा रही है। हरकी पैडी में 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गंगा की सफाई पर नजर रखने के लिए गंगा रक्षकों की टीम गठित की गई है। 25 चेंजिंग रूम बनाए जा रहे हैं तथा पालीथिन पर रोक लगा दी गई है।
कोर्ट कमिश्नरों ने पेश की रिपोर्ट, कई खामियां गिनाईं
कोर्ट कमिश्नर चेतन जोशी और निखिल सिंगल ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में चोटीवाला रेस्ट्रोरेंट के बाहर नाला खुला होना, संजय ब्रिज के पास कूड़ेदान टूटे होने, नई घाट के निकट खुले नाले के बहने, नालों के चोक होने, गो घाट में नाले के रेत और कीचड़ से भरे होने, कुशा घाट में गंदगी और नाले के सीधे गंगा नदी में खुलने, पब्लिक शौचालयों से सीवर का रिसाव सीधे गंगा में होने, कुछ स्थानों पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के बंद होने के कारण, सीवरेज के नदी में जाने की जानकारी दी गई।