ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों की नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ जिले में एक पद पूर्व सैनिक श्रेणी में खाली रखने का आदेश दिया है। बृहस्पतिवार को बागेश्वर निवासी नंदन सिंह मेहता की याचिका पर सुनवाई में न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और विपक्षी सचिन सिंह बोहरा को भी नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।
नंदन सिंह मेहता का कहना था कि 26 नवंबर 2015 को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों को भरने के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जिलावार विज्ञापन जारी किया था।
पिथौरागढ में 31 पद थे और इनमें एक पद पूर्व सैनिक श्रेणी में आरक्षित था। याचिकाकर्ता ने पूर्व सैनिक की श्रेणी में आवेदन किया था। परीक्षा जनवरी 2018 को हुई। मेरिट लिस्ट बनी उसमें पूर्व सैनिक की श्रेणी में याची के नाम पर विचार ही नहीं किया गया।