फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: हाईकोर्ट का आदेश, तीन महीने में अतिक्रमण ध्वस्त कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें

Fri, 31 Jul 2020 11:26 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • स्वामी चिदानंद मुनि की ओर से ऋषिकेश में रिजर्व फॉरेस्ट पर अतिक्रमण कर निर्माण का मामला
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्वामी चिदानंद मुनि की ओर से ऋषिकेश में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर वहां निर्माण किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह तीन माह में अतिक्रमण को ध्वस्त कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। 

विज्ञापन


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविकुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी अर्चना शुक्ला ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऋषिकेश के निकट वीरपुरखुर्द वीरभद्र में स्वामी चिदानंद मुनि ने रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि पर कब्जा करके वहां 52 कमरे, एक बड़ा हॉल और गोशाला का निर्माण कर लिया है।

चिदानंद के रसूखदारों से संबंध होने के कारण वन विभाग और राजस्व विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है। कई बार प्रशासन व वन विभाग को अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने उस भूमि से अतिक्रमण हटाकर यह भूमि सरकार को सौंपने की मांग की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें