हाईकोर्ट ने होपटाउन (देहरादून) में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए निर्माण को एक माह में ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने इसके साथ ही अतिक्रमित भूमि पर निर्माण होने देने में संलिप्त अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ ने होप टाउन में अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाया। इस मामले में बीडीसी मेंबर और सेलाकुई के पूर्व प्रधान राजेश शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। याची के अधिवक्ता कुर्बान अली ने कोर्ट को बताया कि होप टाउन में शमशान, अस्पताल सहित अन्य सरकारी जमीन पर व्यापक पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है। लोगों ने अधिकारियों से सांठ गांठ कर अतिक्रमित जमीन पर व्यापक स्तर पर निर्माण भी कर लिया है।
यह याचिका 2015 में दाखिल की गई थी। तब से इस पर सुनवाई चली आ रही है। खंडपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को एक माह के अंदर अंदर भूमि अतिक्रमण कर किए गए निर्माण को ढहाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह के अतिक्रमण को बख्शा न जाए। कोर्ट ने याची की शिकायत का भी संज्ञान लिया और अतिक्रमण मामले में संबंधित दोषी अधिकारियों तथा अन्य लोगों के खिलाफ क्रिमनल तथा सिविल मुकदमे दर्ज करने का आदेश भी दिया।