लोगों का कहना था कि दिल्ली एम्स की तर्ज पर ही शुल्क वसूला जाना चाहिए। बायोप्सी का शुल्क एम्स ऋषिकेश में करीब पांच हजार रुपये हो गया है, जबकि एम्स दिल्ली में यह मात्र 250 रुपये हैं। लोगों के विरोध के बाद यह शुल्क वृद्धि वापस ले ली गई थी।
फिर भी लोगों को आशंका थी कि भविष्य में एम्स फिर से उपचार शुल्क में इजाफा कर सकता है। इसी आशंका के चलते वाराणसी निवासी प्रवीण कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
याची प्रवीण सिंह ने शुल्क वृद्धि के विरोध में नवंबर में एम्स ऋषिकेश में आमरण अनशन भी किया था। याची का कहना था कि एम्स में पर्वतीय क्षेत्रों से प्रतिदिन कई लोग उपचार के लिए आते हैं। शुल्क बढ़ाए जाने से इनको परेशानी का सामना करना पड़ेगा।