हाईकोर्ट ने गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों से बीएससी और लैब तकनीशियन डिप्लोमा लेने वालों से संबंधित 23 जनवरी 2016 के शासनादेश को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
देहरादून स्थित हिमालयन मेडिकल हास्पिटल में वरिष्ठ लैब तकनीशियन अरुण सिंह नेगी व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के 23 जनवरी 2016 के शासनादेश को चुनौती दी थी।
इनका कहना था कि इस शासनादेश के जरिए गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों के बीएससी और लैब तकनीशियन के डिप्लोमाधारकों का उत्तराखंड पैरामेडिकल बोर्ड में पंजीकरण कराया जा रहा है। गैर मान्यता प्राप्त डिप्लोमाधारकों का पंजीकरण बोर्ड में नही हो सकता।