इसके बाद श्वेताभ ने निचली अदालत में वाद दायर किया जो 19 नवंबर 2016 को खारिज हुआ। इसको श्वेताभ ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट से यह मामला निस्तारित हुआ तो श्वेताभ ने दोबारा स्पेशल जज सीबीआई देहरादून के एक अगस्त 2017 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
श्वेताभ का कहना था कि उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय से उचित अनुमति नहीं ली गई। पूर्व में हाईकोर्ट ने श्वेताभ सुमन के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई पर रोक लगाई थी और फिर इस रोक को हटा भी दिया था।
2005 में सीबीआई ने दून स्थित आवास पर मारा था छापा
श्वेताभ के देहरादून स्थित आवास पर अगस्त 2005 में सीबीआई ने छापा मारा था तथा आय से अधिक संपत्ति मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। उस वक्त वह अपर आयुक्त के तौर पर तैनात थे।
2018 में रिश्वत मामले में किए गए थे गिरफ्तार
असोम में 40 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई की टीम ने अप्रैल 2018 में श्वेताभ सुमन को गिरफ्तार किया था। उस वक्त श्वेताभ वहां आय कर आयुक्त के रूप में तैनात थे।