हाईकोर्ट ने पूर्व के आदेश का पालन न करने पर महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्लूआईटी) देहरादून के कुलपति एनके चौधरी, अपर सचिव ओमप्रकाश, निदेशक अलकनंदा अशोक को अवमानना नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार संदीप कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिक दायर कर कहा था कि पूर्व में खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए थे कि डब्ल्यूआईटी में कार्यरत समस्त शिक्षकों व कर्मचारियों को बहाल करें, उनके देयकों का भुगतान करें और निदेशक की स्थायी नियुक्ति करें, लेकिन सरकार की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर सरकार ने यह शपथपत्र दिया कि उन्होंने सभी कर्मचारियों के देयकों का भुगतान करने के साथ ही उन्हें कार्य पर बहाल कर दिया। स्थायी निदेशक की भी नियुक्ति कर दी गई है।
जबकि सत्यता यह है कि डब्ल्यूआईटी कर्मियों को न तो भुगतान किया गया और न ही उन्हें बहाल किया गया। स्थायी निदेशक की नियुक्ति भी नहीं की गई। इसके खिलाफ उन्होंने न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। मामले को सुनने के बाद कोर्ट ने अपर सचिव ओमप्रकाश, कुलसचिव एनके चौधरी, अलकनंदा अशोक को नोटिस जारी छह सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है ।