फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब तीसरा बच्चा होने पर नहीं मिलेगा मातृत्व अवकाश

Tue, 17 Sep 2019 09:55 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

उत्तराखंड में मातृत्व लाभ अधिनियम को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की स्पेशल अपील को स्वीकार करते हुए एकलपीठ का महिलाओं को तीसरी संतान में मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत अवकाश देने के आदेश को निरस्त कर दिया है।

 

कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य की सेवाओं में कार्यरत महिलाओं को तीसरी संतान होने पर मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत अवकाश नहीं मिलेगा। मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

विज्ञापन

 

मामले के अनुसार, हल्द्वानी निवासी नर्स उर्मिला मसीह को तीसरी संतान पर मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत लाभ नहीं दिए जाने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में नियमों का हवाला देते हुए नर्स ने कहा कि सरकार का नियम संविधान के अनुच्छेद-42 के मूल-153 तथा मातृत्व लाभ अधिनियम की धारा-27 का उल्लंघन करता है।

Trending Videos
विज्ञापन

निजी क्षेत्र की कंपनियों में कार्यरत महिलाओं पर लागू होता है नियम

2018 में एकलपीठ ने इस अधिनियम को अवैधानिक घोषित कर दिया था। एकलपीठ के इस आदेश को सरकार ने स्पेशल अपील दायर कर चुनौती दी। सरकार की ओर से कहा कि संविधान का अनुच्छेद-42 भाग चार अर्थात नीति निर्देशक तत्वों में शामिल है। 
 
इसे लागू करने के लिए याचिका दायर नहीं की जा सकती। मातृत्व लाभ अधिनियम राज्य सरकार के कर्मचारियों पर लागू नहीं होता, जबकि निजी क्षेत्र तथा सरकार की कंपनियों में कार्यरत महिलाओं पर लागू होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें