हाईकोर्ट ने केदारनाथ आपदा में गुम हुए तीर्थयात्रियों को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता दिल्ली निवासी अजय गौतम का कहना था कि 2013 में आपदा के बाद केदार घाटी में करीब 4200 लोग लापता थे। इसमें अभी तक मात्र 600 के कंकाल बरामद किए गए हैं। सरकार लापता लोगों की तादाद 3322 बता रही है।
संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रत्येक व्यक्ति का मृत्यु के बाद उसका धार्मिक रीति के अनुसार अंतिम संस्कार किए जाने का अधिकार है। केदारनाथ आपदा मामले में इसका पालन नहीं हो रहा है।
याचिका में कहा कि सरकार के पास अब तक 900 से अधिक लोग शव लेने पहुंचे हैं जो कि डीएनए टेस्ट कराने को भी तैयार है। याची ने मांग की है कि स्पेशल कमेटी के माध्यम से शवों का डीएनए टेस्ट कर शव परिजनों को सौंपें जाएं। खंडपीठ ने सरकार को डीएनए टेस्ट के लिए तय प्रयोगशाला की जानकारी मांगते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।