याचिका में शैक्षिक शर्त (हाईस्कूल पास) को भी चुनौती दी गई है। एक्ट के संशोधन में ये भी कहा गया है कि कोऑपरेटिव सोसायटी के सदस्य भी दो से अधिक बच्चे होने पर चुनाव नही लड़ सकते हैं। गांव में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी कोऑपरेटिव सोसायटी का सदस्य होता है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
सरकार इन मुद्दों पर देगी जवाब
हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में प्रत्याशी के लिए दो बच्चों की सीमा और सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए पंचायत में किसी भी स्तर का चुनाव लड़ने के लिए दसवीं और एससी-एसटी के लिए आठवीं तक की शिक्षा अनिवार्य किए जाने पर जवाब मांगा है।
ओबीसी के लिए कोई प्राविधान नहीं करने के औचित्य को भी बताने के निर्देश दिए हैं। को-ऑपरेटिव सोसायटी के सदस्य के चुनाव लड़ने पर पाबंदी और उप प्रधान के चुनाव के बजाय मनोनयन जैसे प्रावधान पर भी स्पष्टीकरण देने के कहा। अदालत ने नया प्रावधान लागू करने के लिए 300 दिन की मोहलत नहीं दिए जाने को लेकर भी जानकारी मांगी है।