हाईकोर्ट ने हल्द्वानी सहित प्रदेश के अन्य स्थानों में फैल रहे डेंगू के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार और नगर निगम हल्द्वानी से डेंगू के प्रभाव को रोकने तथा प्रभावितों के उपचार के लिए उठाए गए कदमों के बाबत जानकारी मांगी है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से भी डेंगू से अब तक हुई मौतों की जानकारी के साथ यह बताने को कहा है कि कितने मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी में भारी संख्या में लोग डेंगू से पीड़ित हैं।
उन्हें सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। सरकार भी इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। याचिकाकर्ता ने एक्सपर्ट्स की टीम गठित करने के निर्देश जारी करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने मांग के अनुसार खून की व्यवस्था करवाने तथा डेंगू पीड़ितों को गंभीरता से चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश देने की भी मांग की है।
डॉक्टर सहित अन्य मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी को लेकर समाचार पत्रों में छपीखबरों को आधार बनाते हुए याचिका में कहा गया है कि सुविधाएं न होने के चलते रोगियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। याचिकाकर्ता ने डेंगू से मरने वाले के परिजनों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की है।